Why in News?
रक्षा मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2026 को भारतीय सेना के लिए Improved Low Level Light Weight Radar (LLLR-I) खरीदने का लगभग ₹770 करोड़ का अनुबंध BEL के साथ किया।
Background and Context
निम्न ऊँचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों की समय रहते पहचान वायु-रक्षा की अहम समस्या है। छोटे unmanned aerial systems (UAS) निगरानी एवं चेतावनी तंत्र के लिए अलग चुनौती प्रस्तुत करते हैं। मंत्रालय ने इस खरीद को स्वदेशी वायु-रक्षा विनिर्माण और MSME आपूर्ति शृंखला से जोड़ा है।
Deep Analysis
₹770 करोड़ का आँकड़ा खरीद अनुबंध का लगभग मूल्य है—इसे रडार की एक इकाई की कीमत या रडार की कुल संख्या कहना गलत होगा, क्योंकि प्रेस विज्ञप्ति ऐसी इकाई-संख्या नहीं देती। उसी तरह detecting/tracking और prioritising targets से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि LLLR-I स्वयं हमला करके ड्रोन को नष्ट करता है। सही कार्य-विभाजन है: सेंसर लक्ष्य की पहचान एवं ट्रैकिंग में मदद करता है, जबकि प्रतिउत्तर के अन्य साधनों का विवरण इस विज्ञप्ति में नहीं है। BEL का नाम आपूर्तिकर्ता के रूप में और रक्षा मंत्रालय का नाम क्रेता प्राधिकरण के रूप में याद रखें। परीक्षा में रडार का full form, 21 अक्टूबर की अनुबंध तारीख और anti-UAS भूमिका को साथ पूछा जा सकता है।
Important Verified Facts
रक्षा मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2026 को LLLR-I रडार खरीद के लिए BEL से लगभग ₹770 करोड़ का अनुबंध किया।
रडार में fighter-size aerial targets तथा mini और micro drones detect व track करने की क्षमता बताई गई।
विज्ञप्ति के अनुसार प्रणाली में aerial target prioritisation की अतिरिक्त क्षमता है।
21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में LLLR-I अनुबंध हुआ।
रडार के नाम का विस्तार Improved Low Level Light Weight Radar है।
LLLR-I हवाई लक्ष्यों की प्राथमिकता तय कर सकता है और UAS खतरे से निपटने की क्षमता बढ़ाने हेतु खरीदा गया।
Static GK Connections
रडार का मूल कार्य रेडियो तरंगों की सहायता से लक्ष्यों की मौजूदगी, दूरी या गति संबंधी जानकारी प्राप्त करना है।
Unmanned Aerial System (UAS) का अर्थ मानव-रहित वायु प्रणाली है; यह fighter aircraft से अलग श्रेणी है।
सेंसर, interception और command-and-control को एक ही रक्षा क्षमता न मानें।
Exam Traps and Common Confusions
लगभग ₹770 करोड़ पूरे अनुबंध का मूल्य है, प्रति रडार मूल्य नहीं।
PIB ने रडार को detecting, tracking, target prioritisation से जोड़ा; सीधे हथियार से नष्ट करने का दावा नहीं किया।
BEL आपूर्तिकर्ता है; सेना के लिए अनुबंध रक्षा मंत्रालय ने किया।
Quick Revision Points
तारीख 21 अक्टूबर 2026; अनुबंध मंत्रालय और BEL के बीच।
अनुमानित लागत ₹770 करोड़; उत्पाद Improved Low Level Light Weight Radar।
लक्षित क्षमता लड़ाकू आकार के लक्ष्य और mini/micro drones की पहचान/ट्रैकिंग।
Official Sources
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