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UPSSSC PET UP GK Set 2: 25 सवालों में जिलों की नदियाँ, इतिहास, अभयारण्य और विरासत

उत्तर प्रदेश के 25 जिलों पर आधारित 25 MCQs—जिला–नदी, ऐतिहासिक तिथि, जैन-बौद्ध स्थल, पक्षी विहार और स्थानीय परंपरा को सही मिलाने का अभ्यास।

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UPSSSC PET UP GK Set 2: 25 सवालों में जिलों की नदियाँ, इतिहास, अभयारण्य और विरासत
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UPSSSC PET UP GK Set 2: 25 सवालों में जिलों की नदियाँ, इतिहास, अभयारण्य और विरासत
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उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान में केवल किसी जिले का नाम जानना पर्याप्त नहीं होता। उसी जिले में एक धार्मिक स्थल किस नदी के किनारे है, किसी अभयारण्य का विस्तार कहाँ तक है, किस इमारत का निर्माण किस दौर में हुआ और दो मिलते-जुलते स्थलों में क्या अंतर है—ऐसे सवाल भी अभ्यास में आते हैं। इस UPSSSC PET UP GK Set 2 के 25 प्रश्नों में प्रत्येक जिले के साथ एक दूसरा तथ्य जोड़कर अभ्यास करें।

अभ्यास विधि: पहले बिना उत्तर देखे 25 प्रश्न हल करें। फिर उत्तर के नीचे दिया दूसरा तथ्य पढ़ें। जिन प्रश्नों में गलती हुई, उनके लिए जिला–स्थान–नदी/वर्ष की छोटी जोड़ी बनाकर अगले दिन दोहराएँ।

UPSSSC PET UP GK Set 2: 25 जिला–स्थल–नदी और इतिहास आधारित MCQs

प्रश्न 1. चौरी-चौरा घटना 4 फरवरी 1922 को हुई। इस घटना के बाद महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर किस तारीख को रोक दिया?

  • A. 4 फरवरी 1922
  • B. 12 फरवरी 1922
  • C. 13 अप्रैल 1919
  • D. 8 अगस्त 1942

सही उत्तर: B. 12 फरवरी 1922

व्याख्या: 4 फरवरी घटना की तारीख है, जबकि 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन रोकने का निर्णय लिया गया। 13 अप्रैल 1919 जलियांवाला बाग और 8 अगस्त 1942 भारत छोड़ो आंदोलन के आरंभ से जुड़ी अलग ऐतिहासिक तिथियाँ हैं। तारीख पूछते समय घटना और आंदोलन की वापसी को अलग पहचानें।

दूसरा उपयोगी तथ्य: गोरखपुर का चौरी-चौरा शहीद स्मारक इसी घटना की स्मृति में है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 2. गोंडा की कजरी तीज की स्थानीय यात्रा में सरयू से जल लाकर किन दो शिवस्थलों पर जलाभिषेक करने का विवरण जिला प्रशासन देता है?

  • A. काशी विश्वनाथ और संकटमोचन
  • B. पृथ्वीनाथ और दुखहरणनाथ
  • C. भदेश्वरनाथ और मखौड़ा धाम
  • D. लोधेश्वर और पारिजातेश्वर

सही उत्तर: B. पृथ्वीनाथ और दुखहरणनाथ

व्याख्या: जिला प्रशासन के कजरी तीज विवरण में सरयू घाट से जल लाकर पृथ्वीनाथ और दुखहरणनाथ मंदिरों में जलाभिषेक का उल्लेख है। इस प्रश्न में पर्व, जल का स्रोत और दो मंदिर—तीनों को साथ याद करें; केवल कजरी तीज नाम याद करने से स्थान-संबंधी प्रश्न अधूरा रह जाएगा।

दूसरा उपयोगी तथ्य: पृथ्वीनाथ मंदिर गोंडा के खरगूपुर क्षेत्र में स्थित है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 3. नवदुर्गा के अवसर पर स्थानीय मेले के लिए जिला पर्यटन पृष्ठ पर दर्ज वैष्णो देवी मंदिर किस उत्तर प्रदेश जिले में है?

  • A. मथुरा
  • B. अयोध्या
  • C. फिरोजाबाद
  • D. वाराणसी

सही उत्तर: C. फिरोजाबाद

व्याख्या: फिरोजाबाद जिला पर्यटन पृष्ठ स्थानीय वैष्णो देवी मंदिर और वहाँ नवदुर्गा मेले का उल्लेख करता है। इसे जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध त्रिकुटा पर्वत वाले वैष्णो देवी धाम से अलग पहचानना चाहिए। नाम एक जैसा होने से दोनों स्थलों का जिला या भौगोलिक स्थान एक नहीं हो जाता।

दूसरा उपयोगी तथ्य: स्थानीय वैष्णो देवी मंदिर फिरोजाबाद–टूंडला मार्ग से जुड़ा है। काशी विश्वनाथ वाराणसी, राम मंदिर अयोध्या और द्वारकाधीश मंदिर मथुरा से जुड़े अलग स्थल हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 4. तीसरे जैन तीर्थंकर संभवनाथ की जन्मस्थली की परंपरा तथा जेतवन की बौद्ध विरासत किस प्राचीन नगर से एक साथ जुड़ती हैं?

  • A. सारनाथ
  • B. श्रावस्ती
  • C. कुशीनगर
  • D. संकिसा

सही उत्तर: B. श्रावस्ती

व्याख्या: श्रावस्ती जैन और बौद्ध दोनों परंपराओं में महत्वपूर्ण है। जिला इतिहास में इसे तीसरे जैन तीर्थंकर संभवनाथ और आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभानाथ की जन्मस्थली कहा गया है; बौद्ध परंपरा में यहाँ जेतवन विहार का विशेष महत्व है। सारनाथ बुद्ध के प्रथम उपदेश और कुशीनगर महापरिनिर्वाण से जुड़ते हैं।

दूसरा उपयोगी तथ्य: श्रावस्ती का आधुनिक जिला मुख्यालय भिंगा है; प्राचीन नगर और आधुनिक प्रशासनिक मुख्यालय अलग हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 5. भदोही के सीतामढ़ी स्थित सीता समाहित स्थल का संबंध किस नदी के तट से है?

  • A. घाघरा
  • B. यमुना
  • C. गोमती
  • D. गंगा

सही उत्तर: D. गंगा

व्याख्या: सीता समाहित स्थल भदोही के सीतामढ़ी में गंगा के तट पर है। स्थानीय धार्मिक मान्यता इसे सीता के धरती में समाने की कथा से जोड़ती है; यह आस्था-आधारित संबंध है, किसी तिथि-प्रमाणित ऐतिहासिक घटना का दावा नहीं। जंगीगंज बाजार से इसकी दूरी लगभग 11 किमी बताई गई है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: भदोही की पहचान हस्तनिर्मित कालीन उद्योग से भी है। इस जिले में धार्मिक स्थल और शिल्प-उद्योग दोनों के प्रश्न बन सकते हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 6. कौन-सी जोड़ी मैनपुरी जिले की दो अलग पहचान सही मिलाती है?

  • A. उदेतपुर अभई—रामनगरिया मेला; समान पक्षी विहार—घड़ियाल संरक्षण
  • B. उदेतपुर अभई—कजली मेला; समान पक्षी विहार—गंगा डॉल्फिन संरक्षण
  • C. उदेतपुर अभई—शीतला देवी मेला; समान पक्षी विहार—सारस संरक्षण
  • D. उदेतपुर अभई—नौचंदी मेला; समान पक्षी विहार—एशियाई सिंह संरक्षण

सही उत्तर: C. उदेतपुर अभई—शीतला देवी मेला; समान पक्षी विहार—सारस संरक्षण

व्याख्या: मैनपुरी के उदेतपुर अभई में शीतला देवी मंदिर के पास ग्रामीण प्रदर्शनी-सह-मेला आयोजित होने का विवरण है। वहीं समान पक्षी अभयारण्य 1990 में अधिसूचित हुआ और सारस पक्षियों की रक्षा से जुड़ा है। धार्मिक आयोजन और पक्षी संरक्षण के इन दो अलग तथ्यों को एक साथ याद करना जिले की पहचान मजबूत करता है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: जिला पृष्ठ के अनुसार शीतला देवी मंदिर से जुड़ी प्रदर्शनी लगभग 20 दिन चलती है; समान अभयारण्य का क्षेत्र लगभग 5.25 वर्ग किमी है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 7. पटना पक्षी विहार को बिहार की राजधानी से अलग पहचानने के लिए सही जिला–क्षेत्र–अधिसूचना वर्ष का संयोजन कौन-सा है?

  • A. मैनपुरी–करहल–1990
  • B. कानपुर देहात–रसूलाबाद–1985
  • C. एटा–जलेसर–1991
  • D. मेरठ–हस्तिनापुर–1986

सही उत्तर: C. एटा–जलेसर–1991

व्याख्या: पटना पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर उपखंड में स्थित है। जिला पर्यटन पृष्ठ इसके संरक्षण क्षेत्र को 108 हेक्टेयर और स्थापना वर्ष को 1991 बताता है। नाम में पटना होने के बावजूद इसका बिहार के पटना शहर से संबंध नहीं है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: जलेसर की यह आर्द्रभूमि सर्दियों में जलपक्षियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। समान पक्षी विहार (मैनपुरी) और पटना पक्षी विहार (एटा) को न मिलाएं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 8. राजा दशरथ के पुत्रकामेष्टि यज्ञ की स्थानीय परंपरा से जुड़ा मखौड़ा धाम किस तहसील में है?

  • A. सदर, गोरखपुर
  • B. मंझनपुर
  • C. राठ
  • D. हर्रैया

सही उत्तर: D. हर्रैया

व्याख्या: बस्ती जिले के हर्रैया क्षेत्र में स्थित मखौड़ा धाम को धार्मिक परंपरा राजा दशरथ के पुत्रकामेष्टि यज्ञ से जोड़ती है। इस कथानक में ऋषि ऋष्यशृंग और गुरु वशिष्ठ का उल्लेख आता है। प्रश्न के स्थल, वर्तमान जिले और तहसील को अलग-अलग याद रखना अधिक उपयोगी है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: यह धार्मिक परंपरा है; इसके पात्रों के लिए आधुनिक ऐतिहासिक तिथियाँ निर्धारित करना उचित नहीं होगा। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 9. राजदरी और देवदरी—दोनों जलप्रपात किस संरक्षित वन क्षेत्र से जुड़े हैं?

  • A. सोहागीबरवा वन्यजीव अभयारण्य
  • B. कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य
  • C. पटना पक्षी विहार
  • D. चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य

सही उत्तर: D. चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य

व्याख्या: चंदौली के राजदरी और देवदरी जलप्रपात चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य में स्थित हैं। जिला प्रशासन इसे वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक जलप्रपात—दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बताता है। सोहागीबरवा पूर्वी तराई क्षेत्र में तथा कतर्नियाघाट बहराइच में स्थित हैं, इसलिए समान प्रकृति वाले स्थानों के जिले अलग हैं।

दूसरा उपयोगी तथ्य: चंदौली के प्रमुख भूगोल में गंगा, कर्मनाशा और चंद्रप्रभा नदियाँ भी आती हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 10. हाथरस के श्री दाऊजी महाराज लख्खी मेले की एक प्रमुख पारंपरिक प्रतियोगिता कौन-सी है?

  • A. नौका दौड़
  • B. घुड़सवारी पोलो
  • C. कुश्ती दंगल
  • D. तीरंदाजी लीग

सही उत्तर: C. कुश्ती दंगल

व्याख्या: हाथरस जिला प्रशासन की 2026 मेले की सूचना में कुश्ती दंगल प्रमुख आकर्षणों में दर्ज है। यहाँ के अखाड़े और मल्लविद्या का वर्णन जिले के ऐतिहासिक परिचय में भी मिलता है। इस तरह मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, स्थानीय खेल-परंपरा से भी जुड़ता है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: 2026 का जिला पृष्ठ इसे ऐतिहासिक राज्य-संचालित लख्खी मेला बताता है; आयोजन की प्रस्तावित तिथियाँ साल के अनुसार बदल सकती हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 11. फतेहपुर से संबंधित किस संयुक्त कथन के दोनों हिस्से सही हैं?

  • A. भिटौरा के ओम घाट पर यमुना दक्षिणवाहिनी है; बावनी इमली 1942 के आंदोलन का स्मारक है
  • B. भिटौरा के ओम घाट पर गोमती पश्चिमवाहिनी है; बावनी इमली 1919 की घटना से जुड़ी है
  • C. भिटौरा के ओम घाट पर बेतवा पूर्ववाहिनी है; बावनी इमली 1930 के सत्याग्रह का स्थल है
  • D. भिटौरा के ओम घाट पर गंगा का प्रवाह उत्तरमुखी बताया गया है; बावनी इमली 1858 के 52 सेनानियों की स्मृति से जुड़ी है

सही उत्तर: D. भिटौरा के ओम घाट पर गंगा का प्रवाह उत्तरमुखी बताया गया है; बावनी इमली 1858 के 52 सेनानियों की स्मृति से जुड़ी है

व्याख्या: फतेहपुर के भिटौरा स्थित ओम घाट के बारे में जिला प्रशासन बताता है कि यहाँ गंगा उत्तर दिशा में बहती है। अलग ऐतिहासिक स्थल बावनी इमली के पास 28 अप्रैल 1858 को 52 स्वतंत्रता सेनानियों को फाँसी दिए जाने का स्मरण है। दोनों तथ्य एक ही जिले के हैं, लेकिन एक नदी-भूगोल और दूसरा औपनिवेशिक इतिहास से जुड़ा है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: फतेहपुर गंगा और यमुना के बीच के दोआब में पड़ता है; भिटौरा और खजुहा-बिंदकी क्षेत्र की पहचान अलग रखें। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 12. खुर्जा की सिरेमिक/पॉटरी परंपरा तथा नरोरा के परमाणु विद्युत संयंत्र—दोनों किस जिले से संबंधित हैं?

  • A. अलीगढ़
  • B. बुलंदशहर
  • C. गाजियाबाद
  • D. एटा

सही उत्तर: B. बुलंदशहर

व्याख्या: बुलंदशहर जिला पर्यटन पृष्ठ में खुर्जा को पॉटरी नगर और नरोरा को परमाणु विद्युत संयंत्र के लिए जाना जाने वाला स्थान बताया गया है। एक ही जिले में हस्तशिल्प/सिरेमिक उद्योग तथा ऊर्जा अवसंरचना का यह मेल महत्वपूर्ण है। खुर्जा का नाम देखते ही केवल बर्तन याद करना पर्याप्त नहीं; नरोरा को भी उसी जिला-मानचित्र में रखें।

दूसरा उपयोगी तथ्य: नरोरा गंगा नदी पर बने बैराज से भी जुड़ा है; अनूपशहर इसी जिले का गंगा-तटीय तीर्थनगर है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 13. देवलास के सूर्य मंदिर से जुड़ी ललही छठ की स्थानीय धार्मिक परंपरा किस जिले के पर्यटन विवरण में मिलती है?

  • A. आजमगढ़
  • B. एटा
  • C. देवरिया
  • D. मऊ

सही उत्तर: D. मऊ

व्याख्या: मऊ जिले के पर्यटन विवरण में देवलास को सूर्य उपासना से जुड़ा धार्मिक स्थल बताया गया है और यहाँ ललही छठ पर मेले का उल्लेख है। इसे सामान्य मकर संक्रांति मेले या किसी दूसरे जिले के सूर्य मंदिर के साथ जोड़ना उचित नहीं। स्थल, आराध्य देवता और त्योहार—तीनों के संयोजन से प्रश्न हल किया जा सकता है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: मऊ को मौनाथ भंजन नाम से भी जाना जाता है; जिला इतिहास में आधुनिक मऊ जिले के गठन की तिथि 19 नवंबर 1988 दर्ज है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 14. आजमगढ़ का दुर्वासा ऋषि आश्रम किन दो नदियों के संगम पर स्थित है?

  • A. तमसा और मंजूषा
  • B. गंगा और यमुना
  • C. गोमती और सई
  • D. सरयू और राप्ती

सही उत्तर: A. तमसा और मंजूषा

व्याख्या: आजमगढ़ जिला पर्यटन पृष्ठ दुर्वासा ऋषि आश्रम को तमसा और मंजूषा नदियों के संगम पर स्थित बताता है। यहाँ कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ा तीन दिवसीय मेला भी दर्ज है। संगम वाले प्रश्नों में प्रयागराज के गंगा-यमुना संगम को हर धार्मिक स्थल पर लागू न करें।

दूसरा उपयोगी तथ्य: तमसा के नाम का संबंध आजमगढ़ और मऊ दोनों क्षेत्रों के भूगोल से मिलता है, पर दुर्वासा आश्रम का जिला आजमगढ़ है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 15. जौनपुर के अटाला मस्जिद और शाही पुल से जुड़ी सही निर्माण-संबंधी जोड़ी कौन-सी है?

  • A. अटाला मस्जिद—इब्राहिम शाह शर्की, 1408; शाही पुल—अकबर के आदेश पर, 1564
  • B. अटाला मस्जिद—अकबर, 1564; शाही पुल—इब्राहिम शाह शर्की, 1408
  • C. अटाला मस्जिद—शेरशाह सूरी, 1540; शाही पुल—औरंगजेब, 1707
  • D. अटाला मस्जिद—फिरोज शाह, 1362; शाही पुल—हुसैन शाह शर्की, 1455

सही उत्तर: A. अटाला मस्जिद—इब्राहिम शाह शर्की, 1408; शाही पुल—अकबर के आदेश पर, 1564

व्याख्या: जौनपुर का अटाला मस्जिद शर्की स्थापत्य से जुड़ा है; इसे इब्राहिम शाह शर्की ने 1408 में पूरा कराया। शाही पुल का निर्माण मुनीम खानखाना ने 1564 में अकबर के आदेश पर कराया। दोनों जौनपुर में हैं, लेकिन अलग शासकीय दौरों की संरचनाएँ हैं।

दूसरा उपयोगी तथ्य: अटाला मस्जिद का निर्माण 1393 में शुरू होने और 1408 में पूरा होने का उल्लेख है। एक ही भवन में शुरुआत और पूर्णता के वर्ष अलग हो सकते हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 16. गंगा तट स्थित विदुर कुटी, जिसका संबंध महाभारत के विदुर की परंपरा से बताया जाता है, किस जिले में है?

  • A. मेरठ
  • B. बिजनौर
  • C. फर्रुखाबाद
  • D. कन्नौज

सही उत्तर: B. बिजनौर

व्याख्या: बिजनौर जिला पर्यटन विभाग विदुर कुटी को गंगा तट पर स्थित महाभारत-संबंधित आस्था-स्थल बताता है। हस्तिनापुर का नाम महाभारत में प्रमुख होने पर भी दोनों स्थानों को एक ही आधुनिक जिले का मान लेना गलत है। हस्तिनापुर मेरठ जिले के क्षेत्र में आता है, जबकि विदुर कुटी बिजनौर से जुड़ी है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: धार्मिक कथानक को इतिहास का बिना शर्त प्रमाण न मानते हुए जिले और नदी की स्थिर भौगोलिक पहचान याद करें। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 17. आल्हा-ऊदल और कजली परंपरा से जुड़ा महोबा जिला किस पुराने जिले से अलग होकर 11 फरवरी 1995 को बना?

  • A. हमीरपुर
  • B. बांदा
  • C. झाँसी
  • D. जालौन

सही उत्तर: A. हमीरपुर

व्याख्या: महोबा के जिला सांस्कृतिक विवरण में 11 फरवरी 1995 को इसे तत्कालीन हमीरपुर जिले से अलग किए जाने का उल्लेख है। कजली मेले की लोककथा आल्हा-ऊदल तथा चंदेलकालीन महोबा से जुड़ती है। इसलिए लोकपरंपरा के साथ जिला-गठन की आधुनिक तिथि भी याद रखने योग्य है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: महोबा के ऐतिहासिक विवरण में कीरत सागर से कजली पूजा की परंपरा का संबंध बताया गया है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 18. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय क्षेत्र में किन दो प्रमुख नदियों का संगम बताया गया है?

  • A. गंगा और गोमती
  • B. केन और सोन
  • C. राप्ती और घाघरा
  • D. यमुना और बेतवा

सही उत्तर: D. यमुना और बेतवा

व्याख्या: हमीरपुर जिला प्रशासन के परिचय में यमुना और बेतवा नदियों के मिलन का स्पष्ट उल्लेख है। बेतवा बुंदेलखंड के भूगोल में प्रमुख नदी है। केन और बेतवा दोनों बुंदेलखंड से जुड़ सकती हैं, मगर हमीरपुर में पूछे गए इस विशिष्ट संगम का उत्तर यमुना–बेतवा है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: महोबा कभी हमीरपुर का हिस्सा था; इसलिए दोनों जिलों की सांस्कृतिक निकटता को आधुनिक जिला-सीमा के साथ न मिलाएं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 19. कौशांबी जिले की कौन-सी नदी–धार्मिक स्थल जोड़ी सही है?

  • A. कड़ा का शीतला देवी मंदिर—यमुना; प्रभासगिरि जैन तीर्थ—गंगा
  • B. कड़ा का शीतला देवी मंदिर—गंगा; प्रभासगिरि जैन तीर्थ—यमुना
  • C. कड़ा का शीतला देवी मंदिर—गोमती; प्रभासगिरि जैन तीर्थ—सरयू
  • D. कड़ा का शीतला देवी मंदिर—बेतवा; प्रभासगिरि जैन तीर्थ—राप्ती

सही उत्तर: B. कड़ा का शीतला देवी मंदिर—गंगा; प्रभासगिरि जैन तीर्थ—यमुना

व्याख्या: कौशांबी जिला पर्यटन पृष्ठ कड़ा के शीतला माता मंदिर को गंगा किनारे और प्रभासगिरि/प्रभोषा के जैन तीर्थ को यमुना किनारे बताता है। यह दो धार्मिक स्थलों को नदी द्वारा अलग पहचानने का प्रश्न है। प्रभासगिरि को छठे तीर्थंकर पद्मप्रभु की परंपरा से भी जोड़ा गया है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: कौशांबी का आधुनिक जिला प्रयागराज (पूर्व इलाहाबाद) जिले से 4 अप्रैल 1997 को अलग बनाया गया था। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 20. फर्रुखाबाद में कम्पिल, संकिसा और पंचाल घाट की सही पहचान किस विकल्प में है?

  • A. कम्पिल—बौद्ध अवतरण स्थल; संकिसा—विमलनाथ; पंचाल घाट—रामनगरिया मेला
  • B. कम्पिल—विमलनाथ; संकिसा—जेतवन विहार; पंचाल घाट—कजली मेला
  • C. कम्पिल—प्राचीन उत्तर पंचाल; संकिसा—बुद्ध का महापरिनिर्वाण; पंचाल घाट—माघ मेला
  • D. कम्पिल—13वें तीर्थंकर विमलनाथ; संकिसा—बौद्ध तीर्थ; पंचाल घाट—रामनगरिया माघ मेला

सही उत्तर: D. कम्पिल—13वें तीर्थंकर विमलनाथ; संकिसा—बौद्ध तीर्थ; पंचाल घाट—रामनगरिया माघ मेला

व्याख्या: जिला विवरण कम्पिल को प्राचीन दक्षिण पंचाल की राजधानी और 13वें जैन तीर्थंकर विमलनाथ की परंपरा से जोड़ता है। संकिसा बौद्ध परंपरा में बुद्ध के स्वर्ग से अवतरण के स्थल के रूप में जाना जाता है। पंचाल घाट पर माघ में रामनगरिया मेला होता है, जहाँ कल्पवास की परंपरा भी है। एक ही जिले के ये तीन अलग स्मृति-बिंदु हैं।

दूसरा उपयोगी तथ्य: कम्पिल, संकिसा और रामनगरिया मेला को एक जैसा पर्व या एक ही तीर्थ न मानें; इनके धार्मिक-सांस्कृतिक संदर्भ भिन्न हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 21. चूका बीच, शारदा सागर और तराई आर्क परिदृश्य की साझा पर्यटक-वन्यजीव पहचान किस संरक्षित क्षेत्र से है?

  • A. बखिरा पक्षी विहार
  • B. पटना पक्षी अभयारण्य
  • C. पीलीभीत टाइगर रिजर्व
  • D. समान पक्षी विहार

सही उत्तर: C. पीलीभीत टाइगर रिजर्व

व्याख्या: पीलीभीत जिला पर्यटन पृष्ठ चूका बीच को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख स्थलों में शामिल करता है। शारदा सागर बाँध इस रिजर्व की सीमा से जुड़ा है। यह तराई आर्क लैंडस्केप का भाग है और इसका क्षेत्र केवल पर्यटक बीच तक सीमित नहीं, वन तथा आर्द्रभूमि पारितंत्र तक फैला है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: जिला पृष्ठ रिजर्व को पीलीभीत और शाहजहाँपुर जिलों से संबंधित बताता है; इसलिए केवल पीलीभीत नगर तक सीमित क्षेत्र न समझें। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 22. देवरिया और कुशीनगर के प्रशासनिक गठन का सही क्रम क्या है?

  • A. 1946 में गोरखपुर से देवरिया बना; 1994 में देवरिया के हिस्से से कुशीनगर बना
  • B. 1994 में गोरखपुर से देवरिया बना; 1946 में देवरिया से कुशीनगर बना
  • C. 1947 में आजमगढ़ से देवरिया बना; 2000 में उससे कुशीनगर बना
  • D. 1956 में बस्ती से देवरिया बना; 1997 में उससे कुशीनगर बना

सही उत्तर: A. 1946 में गोरखपुर से देवरिया बना; 1994 में देवरिया के हिस्से से कुशीनगर बना

व्याख्या: देवरिया जिला प्रशासन के अनुसार 16 मार्च 1946 को देवरिया, गोरखपुर से अलग जिला बना। बाद में 1994 में देवरिया के उत्तरी व पूर्वी हिस्से को लेकर कुशीनगर जिला बनाया गया। स्वतंत्रता-पूर्व जिला गठन तथा 1990 के दशक में नए जिले बनने की इन तिथियों में फर्क रखना जरूरी है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: देवरिया के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में रुद्रपुर का दुग्धेश्वरनाथ मंदिर तथा बरहज क्षेत्र का देवरहा बाबा आश्रम शामिल हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 23. मगहर और बखिरा के संबंध में कौन-सा संयुक्त तथ्य सही है?

  • A. मगहर में कबीर की समाधि और मजार साथ हैं; बखिरा में पक्षी अभयारण्य है
  • B. मगहर में बुद्ध का प्रथम उपदेश हुआ; बखिरा में चंद्रप्रभा जलप्रपात है
  • C. मगहर जैन विमलनाथ की जन्मभूमि है; बखिरा में शारदा सागर है
  • D. मगहर में अशोक का शाही पुल है; बखिरा में सोहागीबरवा अभयारण्य है

सही उत्तर: A. मगहर में कबीर की समाधि और मजार साथ हैं; बखिरा में पक्षी अभयारण्य है

व्याख्या: संत कबीर नगर के मगहर में कबीर से जुड़े समाधि और मजार स्थल एक-दूसरे के पास हैं—यह सांप्रदायिक-सांस्कृतिक विरासत की विशिष्ट पहचान है। उसी जिले में बखिरा पक्षी अभयारण्य पूर्वी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है। ये दोनों स्थल एक ही जिले में हैं, लेकिन एक संत परंपरा और दूसरा जैव-विविधता से संबंधित है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: जिला प्रशासन बखिरा अभयारण्य का क्षेत्र लगभग 29 वर्ग किमी बताता है और इसे प्रवासी जलपक्षियों का शीतकालीन पड़ाव मानता है। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 24. कौन-सी दो पहचानें महराजगंज जिले के संदर्भ में सही हैं?

  • A. सोनौली—भारत-नेपाल सीमा; सोहागीबरवा—बहराइच का वन क्षेत्र
  • B. सोनौली—उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा; सोहागीबरवा—महराजगंज का अभयारण्य
  • C. सोनौली—भारत-नेपाल सीमा; सोहागीबरवा—वन्यजीव अभयारण्य
  • D. सोनौली—भारत-नेपाल सीमा; सोहागीबरवा—चंदौली के जलप्रपात

सही उत्तर: C. सोनौली—भारत-नेपाल सीमा; सोहागीबरवा—वन्यजीव अभयारण्य

व्याख्या: महराजगंज के लिए सोनौली भारत-नेपाल सीमा का प्रमुख स्थल है। जिले का सोहागीबरवा वन्यजीव अभयारण्य तराई क्षेत्र की वन-परिस्थितिकी से संबंधित है। जिला प्रशासन इसका भौगोलिक विस्तार महराजगंज और कुशीनगर क्षेत्र में बताता है। जिले की दोनों पहचानें—सीमाई संपर्क और वन संरक्षण—अलग-अलग प्रकार के प्रश्न बनाती हैं।

दूसरा उपयोगी तथ्य: सोहागीबरवा को कतर्नियाघाट या चंद्रप्रभा अभयारण्य के साथ न मिलाएँ; तीनों के भूगोल अलग हैं। जिले का आधिकारिक विवरण

प्रश्न 25. कतर्नियाघाट अभयारण्य में घड़ियाल और गंगा डॉल्फिन से जुड़ी कौन-सी नदी का उल्लेख जिला प्रशासन करता है?

  • A. गेरुआ नदी
  • B. गोमती नदी
  • C. तमसा नदी
  • D. बेतवा नदी

सही उत्तर: A. गेरुआ नदी

व्याख्या: बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में गेरुआ नदी का हिस्सा घड़ियाल के प्राकृतिक आवास के लिए जाना जाता है। जिला पर्यटन पृष्ठ गंगा डॉल्फिन और मगरमच्छ की उपस्थिति भी बताता है। यह अभयारण्य दुधवा–किशनपुर और नेपाल के बर्दिया संरक्षित परिदृश्य के बीच वन्यजीव संपर्क में भी महत्वपूर्ण माना गया है।

दूसरा उपयोगी तथ्य: कतर्नियाघाट 1975 में स्थापित अभयारण्य है; केवल धार्मिक मेलों से नहीं, तराई की जैव-विविधता से भी बहराइच को पहचानें। जिले का आधिकारिक विवरण

एक नजर में: जिलों के बीच फर्क याद रखने वाली तालिका

जिलापहला स्थल/तथ्यदूसरा संबंधित तथ्य
गोरखपुरचौरी-चौरा, 4 फरवरी 1922असहयोग आंदोलन वापसी, 12 फरवरी 1922
गोंडाकजरी तीजसरयू जल, पृथ्वीनाथ व दुखहरणनाथ
श्रावस्तीजेतवन बौद्ध विरासततीसरे तीर्थंकर संभवनाथ
भदोहीसीता समाहित स्थल, सीतामढ़ीगंगा तट
मैनपुरीउदेतपुर अभई: शीतला मेलासमान: सारस पक्षी अभयारण्य
एटाजलेसर: पटना पक्षी विहार1991; 108 हेक्टेयर
बस्तीमखौड़ा धामहर्रैया; पुत्रकामेष्टि यज्ञ की परंपरा
चंदौलीराजदरी–देवदरी जलप्रपातचंद्रप्रभा अभयारण्य
फतेहपुरभिटौरा: उत्तरमुखी गंगाबावनी इमली: 28 अप्रैल 1858
महोबाकजली–आल्हा-ऊदलहमीरपुर से अलग जिला, 1995
कौशांबीकड़ा शीतला देवी: गंगाप्रभासगिरि जैन तीर्थ: यमुना
फर्रुखाबादकम्पिल: विमलनाथसंकिसा: बौद्ध; पंचाल घाट: रामनगरिया
बहराइचकतर्नियाघाटगेरुआ नदी: घड़ियाल आवास

तीन ऐसे अंतर जिनमें अक्सर भ्रम होता है

1. अभयारण्य: नाम मिलता-जुलता, जिला अलग

संरक्षित क्षेत्रसंबंधित जिलायाद रखने का आधार
पटना पक्षी विहारएटाजलेसर; आर्द्रभूमि
समान पक्षी विहारमैनपुरीसारस संरक्षण
चंद्रप्रभा अभयारण्यचंदौलीराजदरी–देवदरी जलप्रपात
कतर्नियाघाट अभयारण्यबहराइचगेरुआ, घड़ियाल और डॉल्फिन
बखिरा पक्षी अभयारण्यसंत कबीर नगरआर्द्रभूमि तथा प्रवासी पक्षी
सोहागीबरवा अभयारण्यमहराजगंज क्षेत्रतराई वन एवं भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र
पीलीभीत टाइगर रिजर्वपीलीभीत–शाहजहाँपुरचूका बीच, शारदा सागर

2. धार्मिक स्थान: नाम के साथ नदी और परंपरा भी जोड़ें

स्थानजिलासंबंध
मखौड़ा धामबस्तीहर्रैया; दशरथ–ऋष्यशृंग की धार्मिक परंपरा
सीतामढ़ीभदोहीसीता समाहित स्थल; गंगा
दुर्वासा ऋषि आश्रमआजमगढ़तमसा–मंजूषा संगम
कड़ा शीतला देवीकौशांबीगंगा
प्रभासगिरिकौशांबीजैन तीर्थ; यमुना
कम्पिलफर्रुखाबादविमलनाथ; प्राचीन दक्षिण पंचाल
मगहरसंत कबीर नगरकबीर की समाधि और मजार

3. इतिहास: एक घटना के दो अलग समय बिंदु

विषयसमयकिस बात का समय?
चौरी-चौरा4 फरवरी 1922घटना
असहयोग आंदोलन12 फरवरी 1922राष्ट्रीय स्तर पर रोक
जौनपुर अटाला मस्जिद1408निर्माण पूरा होने का वर्ष
जौनपुर शाही पुल1564अकबर के आदेश पर निर्माण
देवरिया16 मार्च 1946गोरखपुर से अलग जिला
कुशीनगर1994देवरिया से अलग जिला
महोबा11 फरवरी 1995हमीरपुर से अलग जिला
कौशांबी4 अप्रैल 1997प्रयागराज/पूर्व इलाहाबाद से अलग जिला

25 प्रश्नों के बाद अपनी कमजोर कड़ी कैसे पहचानें

अगर नदी-संबंधी प्रश्न गलत हुए तो गंगा, यमुना, तमसा, मंजूषा, बेतवा और गेरुआ की स्थल-जोड़ियाँ दोहराएँ। यदि अभयारण्य वाले प्रश्न गलत हुए तो पटना–समान–बखिरा–चंद्रप्रभा–कतर्नियाघाट–सोहागीबरवा को जिले के साथ लिखें। इतिहास में गलती होने पर चौरी-चौरा की घटना और आंदोलन की वापसी, अटाला–शाही पुल के अलग वर्ष तथा देवरिया–कुशीनगर–महोबा–कौशांबी के जिला गठन को क्रम से लिखें।

अगले दिन पहले केवल गलत हुए प्रश्न हल करें; तीसरे दिन उनके उत्तर बिना विकल्पों के बोलकर देखें। इस तरह रिवीजन केवल चार विकल्प पहचानने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित स्थल, नदी, व्यक्ति और वर्ष भी याद रहेंगे।