Why in News?
29 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज मंत्रालय ने People’s Plan Campaign (PPC) 2026–27 के लिए 30 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यशाला की घोषणा की। ठीक एक दिन पहले, 28 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹7,395.55 करोड़ की प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को स्वीकृति दी। दोनों समाचार आपस में जुड़े हैं, लेकिन एक ही योजना नहीं हैं: PM VGSY 2026–31 की क्षमता-विकास व जवाबदेही पहल है; PPC 2026–27 ग्राम/प्रखंड/जिला पंचायतों में FY 2027–28 की सहभागितापूर्ण विकास योजनाएँ बनाने का अभियान है। संविधान के भाग IX, अनुच्छेद 243A/243G, PESA, 16वें वित्त आयोग और eGramSwaraj को जोड़कर यह UPSC/राज्य PSC तथा SSC/रेलवे के लिए उपयोगी विषय बनता है। (स्रोत: 29 अक्टूबर का PIB आयोजन-पूर्व नोट और 28 अक्टूबर का कैबिनेट निर्णय।)
Background and Context
73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायतों के स्वशासन के लिए भाग IX को संवैधानिक आधार मिला। ग्राम सभा मतदाता-आधारित सहभागिता संस्था है, जबकि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्था है। अनुच्छेद 243A ग्राम सभा और 243G पंचायतों के अधिकारों से संबंधित हैं; ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय हैं, लेकिन वास्तविक कार्य व धन-मानव संसाधन का हस्तांतरण राज्यों के कानून और नीतियों पर निर्भर रहता है। इससे पहले पंचायतों में eGramSwaraj और AuditOnline जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म काम कर रहे थे। नई PM VGSY इन्हीं संस्थाओं और प्रणालियों को व्यापक नियोजन, प्रशिक्षण, पारदर्शिता और धन उपयोग क्षमता से जोड़ने की मंजूरी है।
Deep Analysis
📰 1. 28–29 अक्टूबर की खबर: दो अलग निर्णय, एक ही लक्ष्य नहीं
- 28 अक्टूबर 2026 — स्वीकृत फैसला: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को Centrally Sponsored Scheme के रूप में 2026–27 से 2030–31 तक स्वीकृति दी। इसका उद्देश्य पंचायतों को बेहतर योजनाएँ बनाने, अलग-अलग विभागों की गतिविधियों का तालमेल करने, डिजिटल रिकॉर्ड रखने और वित्तीय जवाबदेही विकसित करने में सक्षम बनाना है।
- 29 अक्टूबर 2026 — आयोजन की अग्रिम सूचना: पंचायती राज मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में People’s Plan Campaign (PPC) 2026–27 की राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित किए जाने की जानकारी दी। 29 अक्टूबर की स्थिति में यह कार्यशाला हो चुकी नहीं थी।
- 2 अक्टूबर 2026 — पहले शुरू हुआ अभियान: PPC 2026–27, ‘सबकी योजना, सबका विकास’, विशेष ग्राम सभाओं के साथ प्रारम्भ हुआ था। इस चक्र में FY 2027–28 की स्थानीय विकास योजनाओं की तैयारी प्रस्तावित है।
| आयोजन/नीति | सरकारी तारीख | वास्तविक स्थिति | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| PM VGSY | 28 अक्टूबर 2026 | केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर | क्षमता, योजनाएँ, लेखांकन, ऑडिट |
| PPC 2026–27 | 2 अक्टूबर 2026 | अभियान प्रारम्भ | FY 2027–28 की योजनाएँ |
| PPC राष्ट्रीय कार्यशाला | 30 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर को घोषित भावी आयोजन | GPDP की गुणवत्ता और प्रशिक्षण |
परीक्षा में भ्रम: घोषणा-तारीख, अभियान शुरू होने की तारीख, कार्यशाला की तारीख और जिस वित्त वर्ष के लिए योजना बन रही है—ये चार अलग संदर्भ हैं। स्रोत: PIB 29.10.2026, PMO 28.10.2026, PIB 01.10.2026।
💰 2. ₹7,395.55 करोड़ का सही अर्थ: केंद्र-राज्य फंडिंग
PM VGSY के लिए आधिकारिक कुल वित्तीय परिव्यय ₹7,395.55 करोड़ है। इसमें केंद्र ₹4,869.48 करोड़ तथा राज्य ₹2,526.07 करोड़ योगदान करेंगे। दोनों का योग ठीक ₹7,395.55 करोड़ है। कुल में केंद्र का हिस्सा लगभग 65.84% और राज्य का 34.16% है—ये प्रतिशत हमारी गणना हैं, मंत्रिमंडल द्वारा सभी राज्यों के लिए घोषित निश्चित cost-sharing ratio नहीं। अलग राज्य-श्रेणी के लिए कोई 60:40, 90:10 या अन्य अनुपात इस स्रोत से अनुमानित न करें।
📊 PM VGSY की स्वीकृत निधि में केंद्रीय और राज्य हिस्सेदारी
| योगदानकर्ता | राशि (₹ करोड़) |
|---|---|
| केंद्र सरकार | 4869.48 |
| राज्य सरकारें | 2526.07 |
स्पष्ट अंतर: 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 2026–27 से 2030–31 तक लगभग ₹4.35 लाख करोड़ अनुदान की सिफारिश की है। यह बड़ा Finance Commission grants का संदर्भ है। यह PM VGSY के ₹7,395.55 करोड़ का हिस्सा या उसी योजना का विस्तार नहीं है। PM VGSY क्षमता, planning और accountability को मजबूत करने के लिए है ताकि स्थानीय निकाय उपलब्ध धन का बेहतर उपयोग कर सकें।
| राशि/वित्तीय पद | किससे संबंधित | इसे क्या नहीं समझें |
|---|---|---|
| ₹7,395.55 करोड़ | PM VGSY स्वीकृत परिव्यय | पंचायतों को समान नकद वितरण |
| ₹4,869.48 करोड़ | PM VGSY का केंद्रीय हिस्सा | प्रत्येक राज्य के लिए 65.84% नियम |
| ₹2,526.07 करोड़ | PM VGSY का राज्य हिस्सा | 16वें वित्त आयोग का अलग अनुदान |
| लगभग ₹4.35 लाख करोड़ | 16वें वित्त आयोग की RLB grant recommendation | PM VGSY का बजट |
🏛️ 3. 73वाँ संशोधन, ग्राम सभा और पंचायत के संवैधानिक अधिकार
ग्राम सभा बनाम ग्राम पंचायत: ग्राम सभा गाँव के संबंधित मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों की सहभागिता संस्था है; ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की संगठित प्रतिनिधि संस्था है। इसलिए ‘ग्राम सभा ने योजना पर विचार किया’ और ‘ग्राम पंचायत ने योजना बनाकर पोर्टल पर अपलोड की’ प्रशासनिक तौर पर अलग प्रक्रियाएँ हैं।
| अनुच्छेद/अनुसूची | परीक्षा में भूमिका | सावधानी |
|---|---|---|
| अनुच्छेद 243A | ग्राम सभा के कार्य/शक्तियाँ | राज्य विधान द्वारा प्रदान की जा सकती हैं |
| अनुच्छेद 243G | पंचायतों के स्वशासन और आर्थिक/सामाजिक विकास की योजना | शक्तियों का हस्तांतरण राज्य कानून पर निर्भर |
| ग्यारहवीं अनुसूची | पंचायतों से जुड़े 29 विषय | विषयों की सूची ≠ सभी राज्यों में स्वचालित हस्तांतरण |
| भाग IX | पंचायत व्यवस्था का संवैधानिक ढाँचा | शहरी नगरपालिकाओं के भाग IXA से अलग |
उदाहरणार्थ, स्थानीय जल-संरक्षण की ग्राम सभा में मांग सामने आती है। ग्राम पंचायत उसे GPDP में प्राथमिकता देती है, संबंधित जल संसाधन/ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रम और वित्त स्रोतों से जोड़ती है और उसकी प्रगति दर्ज करती है। यह समझाने के लिए काल्पनिक उदाहरण है; सरकारी रिपोर्ट में वास्तविक परियोजना की पुष्टि नहीं। PM VGSY ऐसी coordination क्षमता को मजबूत करना चाहती है; कोई नई केंद्रीय मंजूरी अनुच्छेद 243G के अंतर्गत राज्यों की विधायी भूमिका को समाप्त नहीं करती।
🧭 4. PPC में GPDP, BPDP और DPDP में क्या फर्क है?
People’s Plan Campaign 2018 से चल रहा participatory planning mechanism है। 2026–27 चक्र में पंचायत विकास योजनाएँ FY 2027–28 के लिए तैयार होंगी। तीन संक्षेप नाम याद करें:
| संक्षेप | पूरा नाम | योजना स्तर |
|---|---|---|
| GPDP | Gram Panchayat Development Plan | ग्राम पंचायत |
| BPDP | Block Panchayat Development Plan | प्रखंड/मध्यवर्ती पंचायत |
| DPDP | District Panchayat Development Plan | जिला पंचायत |
PPC में ग्राम सभा परामर्श, thematic development plans, स्थानीय सतत विकास लक्ष्य (LSDG) और अलग-अलग विभागों की गतिविधियों का convergence महत्वपूर्ण है। 29 अक्टूबर की सूचना के अनुसार 30 अक्टूबर के प्रस्तावित राष्ट्रीय workshop में tied/untied Finance Commission grants, Own Source Revenue, Samarth Panchayat Portal, GPDP की गुणवत्ता और eGramSwaraj uploads की प्रक्रिया शामिल रहने वाली है। लगभग 400 प्रतिभागियों की अपेक्षा है; इसे वास्तविक उपस्थिति नहीं लिख सकते।
📱 5. eGramSwaraj, AuditOnline, PANCHAM: एक ही सॉफ्टवेयर नहीं
| डिजिटल व्यवस्था | मुख्य कार्य | परीक्षा-जाल |
|---|---|---|
| eGramSwaraj | GPDP planning, budgeting, accounting, monitoring, asset management, payments | ‘यह केवल ग्राम सभा की बैठक का चैटबॉट है’ — गलत |
| AuditOnline | स्थानीय निकायों के खातों की online audit प्रक्रिया | ‘यह विकास योजना लिखने का मुख्य पोर्टल है’ — गलत |
| PANCHAM | AI-enabled, 17 भाषाओं में दोतरफा पंचायत संवाद | ‘यह PFMS भुगतान ऐप है’ — गलत |
| PFMS | निधियों के ऑनलाइन भुगतान/वित्तीय प्रणाली से जुड़ा मंच | ‘Panchayat Development Plan का नाम’ — गलत |
| BHASHINI | भाषा-तकनीक/बहुभाषी सहायता की प्रणाली | ‘AuditOnline का पुराना नाम’ — गलत |
PIB के अक्टूबर 2026 backgrounder के अनुसार eGramSwaraj 2020 में और AuditOnline भी 2020 में शुरू हुआ। eGramSwaraj को PFMS, GeM, BHASHINI, BSNL/BharatNet monitoring और IMD सूचना से जोड़ा गया है। PANCHAM जनवरी 2026 में शुरू किया गया WhatsApp-आधारित संवाद उपकरण बताया गया; यह योजना का कोई नकद भुगतान या सरकारी भर्ती पोर्टल नहीं है।
महत्त्वपूर्ण अवधारणा: डिजिटल एकीकरण का मतलब रिकॉर्ड, गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों को जोड़े रखना है; किसी software का जिक्र मात्र यह सिद्ध नहीं करता कि हर पंचायत में सभी प्रक्रियाएँ बिना समस्या काम कर रही हैं।
📊 6. 2025–26 के प्रकाशित वास्तविक आँकड़े बनाम 2026 की नई मंजूरी
22 जुलाई 2026 के संसदीय उत्तर में FY 2025–26 के संदर्भ में भारत की 2,58,730 ग्राम पंचायतों/समकक्ष इकाइयों का आधार दिया गया है। उनमें 2,55,251 (98.65%) ने GPDP अपलोड किया; 2,45,839 (लगभग 95%) ने eGramSwaraj–PFMS से ऑनलाइन भुगतान किए। इन भुगतानों की रिपोर्ट की गई राशि ₹57,337 करोड़ थी। ये PM VGSY लागू होने के बाद के परिणाम नहीं हैं—यह योजना तो 28 अक्टूबर 2026 को मंजूर हुई। इसलिए इन आँकड़ों से पुराने डिजिटल आधार और भविष्य की क्षमता-विकास जरूरत समझें।
📊 2025–26 में पंचायतों का कुल आधार, GPDP upload और PFMS भुगतान करने वाली इकाइयाँ
| प्रकाशित संकेतक | पंचायतें/समकक्ष इकाइयाँ |
|---|---|
| कुल आधार | 258730 |
| GPDP upload करने वाली | 255251 |
| PFMS से भुगतान करने वाली | 245839 |
बार चार्ट पढ़ने की सावधानी: ये तीन अलग संकेतक हैं, न कि एक-दूसरे से स्वतंत्र जनसंख्या समूह। इन्हें जोड़कर कुल पंचायतें नहीं निकालनी हैं। दो अलग गतिविधियों में एक ही पंचायत गिनी जा सकती है। 2024–25 के लिए प्रकाशित 2,33,743 ऑडिट रिपोर्ट अलग ऑडिट-अवधि का आँकड़ा है; उसे इस 2025–26 की एक ही सीरीज में नहीं जोड़ा गया।
🎯 7. लक्ष्यों का अर्थ: output, outcome और actual में अंतर
PM VGSY में लगभग 2.55 लाख GPDP प्रति वर्ष, कम-से-कम 2.55 लाख online audit plans प्रति वर्ष, लगभग 32 लाख प्रतिनिधियों/हितधारकों का क्षमता विकास प्रतिवर्ष और प्रत्येक समन्वित awareness exercise में कम-से-कम 1 करोड़ नागरिकों तक पहुँच—ये target commitments हैं।
| सरकारी सूचक | समय-इकाई | लक्ष्य किसका है? |
|---|---|---|
| लगभग 2.55 लाख GPDP | प्रति वर्ष | तैयार/अपलोड करने की सहायता |
| कम-से-कम 2.55 लाख online audit plans | प्रति वर्ष | तैयार करना और संबंधित ऑडिट समय पर सम्पन्न कराना |
| लगभग 32 लाख stakeholders | वार्षिक प्रशिक्षण/handholding | शासन क्षमता मजबूत करना |
| कम-से-कम 1 करोड़ नागरिक | प्रत्येक जागरूकता कार्यक्रम | जागरूकता की लक्षित पहुँच |
Output बनाम outcome: योजना में दर्ज ‘योजना-निर्माण की संख्या’ output है। साफ पानी की विश्वसनीयता, विद्यालय सेवाओं का सुधार, पंचायत की जवाबदेही जैसे वास्तविक सामाजिक प्रभाव outcome हो सकते हैं—लेकिन इनके लिए अलग मापन चाहिए। प्रकाशित लक्ष्य को उपलब्धि न लिखें।
🗺️ 8. PESA और पाँचवीं अनुसूची: झारखंड में विशेष रूप से उपयोगी
PESA = Provisions of the Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996। 21 जुलाई 2026 के आधिकारिक संसदीय उत्तर के अनुसार इसे अनुच्छेद 243M(4)(b) के अंतर्गत भाग IX के प्रावधानों को पाँचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में अपवाद/परिवर्तनों के साथ लागू करने के लिए बनाया गया है। इसे छठी अनुसूची से भ्रमित नहीं करें।
भारत के 10 PESA राज्यों के आंकड़ों में 21 जुलाई को कुल 23,721 PESA पंचायतें और 23,514 approved PESA main plans दर्ज थे। झारखंड: 2,066 पंचायतें और 2,066 approved plans; ओडिशा: 1,390 पंचायतें और 1,390 approved plans। यह 2026 की तिथि-विशिष्ट रिपोर्ट है, सभी भविष्य की स्थिति का स्थायी दावा नहीं।
| राज्य | PESA पंचायतें | स्वीकृत PESA मुख्य योजनाएँ |
|---|---|---|
| झारखंड | 2,066 | 2,066 |
| ओडिशा | 1,390 | 1,390 |
| मध्य प्रदेश | 5,197 | 5,173 |
| छत्तीसगढ़ | 5,552 | 5,532 |
उसी संसदीय उत्तर के अनुसार plan year 2026–27 में eGramSwaraj पर PESA के लिए 42 activities का अलग विषय जोड़ा गया; पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्राम सभा द्वारा GPDP बनाते समय कम-से-कम एक PESA theme activity लेने की बात कही गई। इसका मकसद स्थानीय परंपरा, समुदाय की प्राथमिकताओं और कानून के विशेष ढाँचे को planning में जगह देना है।
🧩 9. सभी राज्य/UT और non-Part IX क्षेत्रों में व्यवस्था कैसे?
PM VGSY की मंजूरी सभी राज्य/UT तक विस्तार बताती है; जहाँ सामान्य भाग IX पंचायतें नहीं हैं वहाँ पात्र traditional rural local bodies को भी समाहित करने की बात है। पर इसका अर्थ यह नहीं कि उन संस्थाओं का संवैधानिक दर्जा स्वतः भाग IX पंचायतों जैसा हो गया। Coverage और constitutional application दो अलग अवधारणाएँ हैं। PESA के पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में भी संबंधित राज्य के पंचायत कानून और नियमन का महत्व बना रहता है।
सरकारी नौकरी का भ्रम: कैबिनेट नोट में साफ है कि PM VGSY के अंतर्गत कोई स्थायी पद नहीं बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर contractual technical human resources लगाए जा सकते हैं। यह भर्ती विज्ञापन, vacancy count, eligibility, आवेदन लिंक या अंतिम चयन प्रक्रिया की घोषणा नहीं है।
🧾 10. योजना कौन लागू करेगा और जवाबदेही कैसे बनेगी?
क्रम समझें: राज्य/UT प्रशासन Annual Action Plan बनाता है → नामित Central Empowered Committee परीक्षण/स्वीकृति देती है → राज्य/UT और केंद्र अपनी जिम्मेदारी के अंतर्गत गतिविधियाँ चलाते हैं → पंचायत GPDP, वित्तीय लेखांकन और AuditOnline के माध्यम से निगरानी/पारदर्शिता बढ़ाती है। ‘अपना राजस्व’ (Own Source Revenue, OSR) का मतलब स्थानीय निकायों को कानूनसम्मत स्रोतों से राजस्व सृजन की क्षमता बढ़ाना है; किसी विशेष नए टैक्स की घोषणा इस कैबिनेट नोट में नहीं है।
मंत्रालय का तर्क है कि ग्राम पंचायत को विभिन्न केंद्रीय/राज्य विभागीय योजनाओं, संसाधनों, community assets और स्थानीय इच्छाओं का एक साथ आकलन करने में मदद मिले। निर्धारित विभागीय delivery arrangements पहले की तरह चलेंगे; यहाँ हर विभाग के काम को पंचायत कार्यालय में स्थानांतरित करने की घोषणा नहीं है।
🎓 11. छात्र के लिए 5 अलग syllabus connections
| परीक्षा/पेपर | तैयार करने का मुख्य भाग | कैसा सवाल बन सकता है? |
|---|---|---|
| UPSC GS-II / राज्य PSC | विकेन्द्रीकरण, 3Fs, Finance Commission, पंचायत स्वशासन | क्या capacity building, devolved authority के बराबर है? |
| UPSC/PSC Prelims | 243A, 243G, 243M, PESA, 11वीं अनुसूची | संविधान व अधिनियम के सही युग्म |
| SSC / Railway General Awareness | नयी योजना, मंत्रालय, अवधि, योजना नाम और portals | सही योजना-portal या राशि-समय युग्म |
| JSSC / JPSC | पाँचवीं अनुसूची के पंचायत क्षेत्र, PESA, झारखंड आंकड़े | 2066 योजनाओं को किस सरकारी रिपोर्ट में बताया? |
| ग्रामीण विकास/पंचायत भर्ती | GPDP-BPDP-DPDP, OSR, online audit, PPC | किस मंच पर क्या कार्य होता है? |
🚫 12. सबसे महत्वपूर्ण Exam Traps
- PM VGSY और People’s Plan Campaign अलग कार्यक्रम हैं; PPC 2026–27 FY 2027–28 के plans तैयार करता है।
- ₹7,395.55 करोड़ scheme outlay है, ₹4.35 लाख करोड़ 16वें वित्त आयोग की अनुदान सिफारिश। दोनों को जोड़ना गलत।
- केंद्र/राज्य का 65.84:34.16 वास्तविक कुल outlay की गणना है; राज्यवार लागू तय नियम नहीं।
- 32 लाख stakeholders को 32 लाख ग्राम पंचायतें नहीं पढ़ें; पंचायतें 2.55 लाख से अधिक हैं।
- GPDP और audit plans दोनों का annual target ~2.55 लाख है, पर काम अलग हैं।
- eGramSwaraj planning/accounts; AuditOnline audit; PANCHAM AI संवाद।
- जुलाई 2026 के 98.65% upload पुराने FY 2025–26 का प्रदर्शन है, PM VGSY की outcome report नहीं।
- 30 अक्टूबर की कार्यशाला 29 अक्टूबर को भावी कार्यक्रम थी; उपस्थिति या समझौता हस्ताक्षर हो जाने का दावा नहीं।
- पंचायत के अनुच्छेद 243G और ग्राम सभा के अनुच्छेद 243A को उल्टा न करें।
- PESA Fifth Schedule से संबंधित है; इसका संवैधानिक प्रवेश बिंदु 243M(4)(b) है।
- ‘सभी राज्य/UT covered’ का अर्थ प्रत्येक क्षेत्र में सामान्य भाग IX पंचायत का गठन नहीं।
- योजना किसी नई स्थायी सरकारी नौकरी का भर्ती नोटिस नहीं है।
✍️ 13. Prelims, Mains और Revision के लिए निष्कर्ष
Prelims में 2026–31 अवधि, Ministry of Panchayati Raj, CSS प्रकृति, वित्तीय हिस्से, online platforms, ग्राम सभा बनाम पंचायत तथा PESA-सम्बंधित statements पर ध्यान दें। Mains में प्रश्न बन सकता है: ‘ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्त आयोग अनुदानों का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब planning, audits, training तथा 3Fs का प्रभावी हस्तांतरण हो।’ उत्तर की रूपरेखा में संबंधित राज्य की विधायी भूमिका, ग्राम सभा भागीदारी, डिजिटल डेटा, OSR, ऑडिट और डिजिटल बहिष्करण के जोखिम को अलग रखें। यह विश्लेषण है, कैबिनेट द्वारा प्रभावों की अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं।
आधार: PMO कैबिनेट घोषणा 28.10.2026; PIB PM VGSY backgrounder 28.10.2026; PIB workshop सूचना 29.10.2026; 1 अक्टूबर PPC release; 21–22 जुलाई के संसदीय उत्तर; 6 दिसंबर 2012 का अनुच्छेद 243A/243G विवरण।
Important Verified Facts
29 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज मंत्रालय ने नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2026 के लिए People’s Plan Campaign 2026-27 की एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला घोषित की; इस घोषणा को कार्यशाला सम्पन्न होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को Centrally Sponsored Scheme के रूप में मंजूरी दी।
PM VGSY का स्वीकृत कार्यकाल वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्ष है और इसे 16वें वित्त आयोग की अवधि के अनुरूप रखा गया है।
PM VGSY का कुल स्वीकृत परिव्यय ₹7,395.55 करोड़ है, जिसमें केंद्रीय हिस्सा ₹4,869.48 करोड़ और राज्य हिस्सा ₹2,526.07 करोड़ है।
16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अनुशंसित लगभग ₹4.35 लाख करोड़ का अनुदान, PM VGSY के ₹7,395.55 करोड़ योजना परिव्यय से अलग वित्तीय आंकड़ा है।
PM VGSY में 2.55 लाख से अधिक पंचायतों एवं पारंपरिक स्थानीय निकायों के लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों को लक्षित किया गया है।
PM VGSY में प्रतिवर्ष लगभग 2.55 लाख समग्र Gram Panchayat Development Plans (GPDPs) eGramSwaraj पर तैयार कराने का लक्ष्य है।
PM VGSY में प्रतिवर्ष कम-से-कम 2.55 लाख ऑनलाइन ऑडिट योजनाएँ तैयार करने तथा संबद्ध ऑडिट AuditOnline से समय पर पूरा कराने का लक्ष्य है।
PM VGSY में प्रत्येक समन्वित जागरूकता कार्यक्रम से कम-से-कम 1 करोड़ लोगों तक पहुँचने की परिकल्पना की गई है; यह किसी एक अभियान की मापी हुई उपस्थिति नहीं है।
PM VGSY के अंतर्गत कोई नया स्थायी पद सृजित नहीं होगा; आवश्यकता के अनुसार राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर पर संविदात्मक तकनीकी संसाधन लगाए जा सकते हैं।
PM VGSY सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों तक फैली है तथा ऐसे non-Part IX क्षेत्रों की पात्र पारंपरिक ग्रामीण स्थानीय शासन संस्थाओं को भी समाहित करती है जहाँ पंचायतें नहीं हैं।
योजना में राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन Annual Action Plans प्रस्तुत करेंगे और नामित Central Empowered Committee उनका मूल्यांकन तथा अनुमोदन करेगी।
PANCHAM एक AI-enabled, बहुभाषी, दोतरफा संचार व्यवस्था है जो 17 भारतीय भाषाओं में पंचायत-संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बताई गई है।
eGramSwaraj का आरम्भ 2020 में हुआ और इसका उपयोग पंचायत योजना, बजट, लेखांकन, निगरानी, संपत्ति प्रबंधन व ऑनलाइन भुगतान सहित अन्य कार्यों के लिए किया जाता है।
AuditOnline वर्ष 2020 में पंचायत खातों की ऑनलाइन ऑडिट प्रक्रिया हेतु शुरू हुआ और इसे राज्यों के लागू ऑडिट नियमों के अनुरूप कॉन्फ़िगर किया जा सकता है।
eGramSwaraj का PFMS से ऑनलाइन भुगतान, GeM से खरीद, BHASHINI से बहुभाषी सेवाएँ, BharatNet निगरानी से BSNL एवं IMD से मौसम सूचना के लिए एकीकरण वर्णित है।
People’s Plan Campaign (PPC) 2026-27, Sabki Yojana Sabka Vikas, का आरम्भ 2 अक्टूबर 2026 को विशेष ग्राम सभाओं से हुआ; इसकी प्रक्रिया FY 2027-28 की पंचायत विकास योजनाओं के लिए है।
PPC के अंतर्गत GPDP, Block Panchayat Development Plan (BPDP) और District Panchayat Development Plan (DPDP) तीनों स्तरों पर योजना तैयार/अपलोड की जाती हैं।
29 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार 30 अक्टूबर की प्रस्तावित कार्यशाला में लगभग 400 प्रतिभागियों की अपेक्षा और tied/untied grants, OSR, Samarth Panchayat Portal, eGramSwaraj पर तकनीकी सत्रों की योजना है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 22 जुलाई 2026 को प्रकाशित संसदीय उत्तर में कुल 2,58,730 पंचायतों/समकक्ष इकाइयों में से 2,55,251 के GPDP upload और 2,45,839 की eGramSwaraj-PFMS भुगतान गतिविधि दर्ज थी।
22 जुलाई 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार FY 2025-26 में 2,45,839 पंचायतों/समकक्ष इकाइयों द्वारा eGramSwaraj-PFMS से ₹57,337 करोड़ के भुगतान का उल्लेख है; यह PM VGSY के व्यय का आँकड़ा नहीं है।
22 जुलाई 2026 की रिपोर्ट में 2024-25 की ऑडिट अवधि के लिए 2,33,743 ग्राम पंचायत ऑडिट रिपोर्ट बनने का अलग विवरण है; इसका आधार FY 2025-26 के GPDP uploads से अलग है।
PESA Act, 1996 संविधान के अनुच्छेद 243M(4)(b) के तहत भाग IX को पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में कुछ अपवाद और संशोधनों सहित विस्तारित करता है।
21 जुलाई 2026 के संसदीय उत्तर के अनुसार PESA क्षेत्रों में eGramSwaraj/ AuditOnline की क्रियान्विति संबंधित राज्य सरकारों के अधीन आती है।
21 जुलाई 2026 के आधिकारिक PESA आँकड़ों में झारखंड की 2,066 PESA पंचायतों और 2,066 approved PESA main plans का विवरण है; ओडिशा में 1,390 PESA पंचायतें और 1,390 approved plans दर्ज हैं।
उसी PESA रिपोर्ट में कुल 23,721 PESA पंचायतें और 23,514 approved PESA main plans दर्ज थे; इससे 207 का अंतर गणितीय रूप से निकलता है, जिसे अकेले अपूर्ण कार्य का अंतिम कारण नहीं मानना चाहिए।
21 जुलाई 2026 के अनुसार Plan Year 2026-27 में eGramSwaraj पर PESA को 42 गतिविधियों वाला स्वतंत्र theme बनाया गया था और पाँचवीं अनुसूची के ग्राम सभा GPDP में कम-से-कम एक PESA activity लेने की अपेक्षा बताई गई थी।
अनुच्छेद 243A ग्राम सभा के कार्यों को राज्य विधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों से जोड़ता है; अनुच्छेद 243G पंचायतों के स्वशासन, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजना/कार्यान्वयन के अधिकारों से संबंधित है।
भारतीय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों से जुड़े 29 विषय हैं; इसका संबंधित संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 243G है।
Panchayat तथा Gram Sabha को मिले कार्य/अधिकारों का वास्तविक स्तर राज्यों के कानून और शक्ति हस्तांतरण पर निर्भर करता है; केंद्रीय क्षमता-विकास योजना स्वयं सभी 29 विषयों की शक्तियाँ स्वतः हस्तांतरित नहीं करती।
People’s Plan Campaign 2018 से चलाया जा रहा है; 2026-27 संस्करण में Gram Sabha, thematic planning, SDG localisation तथा समेकित विभागीय योजना के माध्यम से FY 2027-28 की योजनाओं को तैयार करना है।
Static GK Connections
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 पंचायत-व्यवस्था के Part IX से जुड़ा है; 74वाँ संशोधन शहरी स्थानीय निकायों के Part IXA से संबंधित है।
अनुच्छेद 243A: ग्राम सभा; अनुच्छेद 243G: पंचायतों के स्वशासन/योजना और 11वीं अनुसूची के 29 विषयों पर राज्य विधान की भूमिका।
ग्राम सभा का अर्थ गाँव की निर्वाचक नामावली में पंजीकृत व्यक्तियों का निकाय है; ग्राम पंचायत निर्वाचित ग्रामीण स्वशासी निकाय है।
PESA Act, 1996: अनुच्छेद 243M(4)(b) से Fifth Schedule Areas तक पंचायत संबंधी भाग IX का उपयुक्त विस्तार।
Eleventh Schedule के 29 विषयों में कृषि, लघु सिंचाई, ग्रामीण आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सामुदायिक परिसंपत्तियों का रखरखाव आते हैं।
GPDP = Gram Panchayat Development Plan; BPDP = Block Panchayat Development Plan; DPDP = District Panchayat Development Plan।
eGramSwaraj के planning और accounting functions को AuditOnline की वैधानिक/नियमाधीन audit प्रक्रिया से अलग रखें।
PPC 2026–27 का वार्षिक planning cycle और PM VGSY का 2026–31 योजनागत lifecycle अलग हैं।
Finance Commission की Rural Local Body grant recommendation और केंद्र प्रायोजित किसी विशिष्ट योजना का आवंटन एक ही वित्तीय मद नहीं है।
OSR का अर्थ Own Source Revenue है; पंचायत के स्थानीय राजस्व की क्षमता तथा कानूनी अधिकार अलग अवधारणाएँ हैं।
RGSA और e-Panchayat Mission Mode Project पुराने डिजिटल/क्षमता-विकास ढाँचे हैं; PM VGSY के 28 अक्टूबर 2026 फैसले से पहले के परिणामों को PM VGSY achievement न कहें।
Exam Traps and Common Confusions
28 अक्टूबर की PM VGSY approval और 29 अक्टूबर को घोषित 30 अक्टूबर की PPC workshop को एक घटना या संपन्न कार्यक्रम न लिखें।
₹4.35 लाख करोड़ 16वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकाय अनुदान की अनुशंसा है; ₹7,395.55 करोड़ PM VGSY का स्वीकृत कुल परिव्यय।
65.84%/34.16% कैबिनेट राशि से निकले गणितीय हिस्से हैं; इन्हें अलग राज्य वर्गों पर लागू cost-sharing norm न मानें।
PPC 2026–27 से FY 2027–28 के GPDP/BPDP/DPDP तैयार होंगे; यह PM VGSY का पाँचवाँ वर्ष नहीं है।
2.55 लाख से अधिक पंचायतें और लगभग 32 लाख governance stakeholders अलग इकाइयाँ हैं।
2.55 लाख वार्षिक GPDP और 2.55 लाख वार्षिक audit plans एक ही file या portal का दूसरा नाम नहीं हैं।
एक करोड़ नागरिक प्रति awareness exercise लक्ष्य है; इसे कुल लाभार्थियों या वास्तविक उपस्थिति से न मिलाएँ।
2025–26 के GPDP uploads की रिपोर्ट जुलाई 2026 में हुई; यह 28 अक्टूबर को नई मंजूर PM VGSY की उपलब्धि नहीं।
eGramSwaraj, AuditOnline, PANCHAM, PFMS और BHASHINI का उद्देश्य और भूमिका अलग है।
अनुच्छेद 243A ग्राम सभा; अनुच्छेद 243G पंचायत; दोनों स्वतः 29 विषयों का हस्तांतरण सुनिश्चित नहीं करते।
PESA पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पंचायत प्रावधानों के विशेष विस्तार से जुड़ा है; Sixth Schedule नहीं।
किसी योजना में need-based contractual personnel की संभावना का अर्थ नई स्थायी सरकारी भर्ती या घोषित रिक्तियाँ नहीं।
सभी States/UT तक PM VGSY विस्तार का अर्थ non-Part IX क्षेत्रों में सामान्य Part IX पंचायत का स्वतः गठन नहीं है।
22 जुलाई के FY 2025–26 आँकड़ों के GPDP और online payment groups overlapping हो सकते हैं; bar की तीन संख्याएँ जोड़कर नया total न निकालें।
Quick Revision Points
28.10.2026: कैबिनेट ने PM VGSY स्वीकृत की; 2026–27 से 2030–31, CSS, पंचायती राज मंत्रालय।
कुल वित्त: ₹7,395.55 करोड़ = केंद्र ₹4,869.48 करोड़ + राज्य ₹2,526.07 करोड़।
16वें वित्त आयोग की RLB grant recommendation ≈ ₹4.35 लाख करोड़, PM VGSY budget नहीं।
Coverage: >2.55 लाख पंचायतें/पारंपरिक स्थानीय निकाय, ~32 लाख प्रतिनिधि/कर्मचारी/हितधारक।
Annual target: ~2.55 लाख GPDP; >=2.55 लाख online audit plans; ~32 लाख governance stakeholders की क्षमता-वृद्धि।
हर awareness-generation episode: कम-से-कम 1 करोड़ नागरिकों तक लक्षित पहुँच।
eGramSwaraj: GPDP, planning, accounts, assets, monitoring; AuditOnline: accounts audit; PANCHAM: 17 भाषाओं में AI दोतरफा संवाद।
29.10.2026 announcement: PPC 2026–27 पर 30.10.2026 में proposed workshop; 2.10.2026 से PPC आरंभ; plans FY 2027–28 के लिए।
GPDP ग्राम पंचायत, BPDP ब्लॉक/मध्यवर्ती पंचायत, DPDP जिला पंचायत।
FY 2025–26 baseline (PIB 22.07.2026): total 2,58,730; GPDP 2,55,251 (98.65%); PFMS payment 2,45,839 (95%)।
अनुच्छेद 243A = ग्राम सभा, 243G = पंचायत, 11वीं अनुसूची = 29 विषय, 73वाँ संशोधन = Part IX।
PESA 1996: Fifth Schedule, Art. 243M(4)(b); झारखंड 2,066 PESA पंचायतें और 2,066 approved PESA plans (PIB 21.07.2026)।
योजना कोई स्थायी पद पैदा नहीं करती; राज्य/जिला/ब्लॉक में आवश्यकता के अनुसार संविदा तकनीकी सहायता संभव।
राज्य/UT का Annual Action Plan → Central Empowered Committee appraisal/approval → जिम्मेदारी के अनुसार implementation।
लक्ष्य (target), ऐतिहासिक actual (FY 2025–26) और भविष्य का कार्यक्रम (30 अक्टूबर workshop) अलग-अलग status हैं।
Official Sources
- Press Information Bureau — Ministry of Panchayati Raj: National Workshop on People’s Plan Campaign 2026-27 scheduled for 30 October in New Delhi
Source published: 2026-10-29
- Prime Minister of India — Union Cabinet: Cabinet approves Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana as a Centrally Sponsored Scheme for 2026-27 to 2030-31
Source published: 2026-10-28
- Press Information Bureau — Research Unit: Pradhan Mantri Viksit Gram Swaraj Yojana: Strengthening Governance at the Grassroots
Source published: 2026-10-28
- Press Information Bureau — Ministry of Panchayati Raj: Digital Transformation of Panchayati Raj Institutions (PRI)
Source published: 2026-07-22
- Press Information Bureau — Ministry of Panchayati Raj: E-Gram Swaraj Portal in Scheduled Tribe-Dominated Areas
Source published: 2026-07-21
- Press Information Bureau — Ministry of Panchayati Raj: Special Gram Sabhas to Mark 2 October and Launch People’s Plan Campaign 2026-27: Sabki Yojana, Sabka Vikas
Source published: 2026-10-01
- Press Information Bureau — Ministry of Panchayati Raj: Utilisation of Power of Gram Panchayats in UP — Articles 243G, 243A and Eleventh Schedule
Source published: 2012-12-06
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